गणेश जी की आरती मराठी | Ganesh Ji Ki Aarti Marathi

गणेश जी की आरती मराठी (Ganesh Ji Ki Aarti Marathi) आरती के बोल इतने सरल और सुंदर हैं कि सुनकर या गाकर एक आदर्श आत्मा की ऊर्जा मिलती है। मराठी हो या बंगाली , पंजाबी हो क्या गुजरती सब श्री गणेश की पूजा अर्चना करते हैं। गणेश जी की आरती एक प्रसिद्ध हिन्दू रीति-रिवाज है जो भगवान गणेश को समर्पित है। इस आरती में गणेशजी की महिमा गाई जाती है और उनकी कृपा की मांग की जाती है। इसलिए हमें श्री गणेश की आरती जरूर से करनी चाहिए।  क्यों की श्री गणेश जी प्रथम पूजनीय हैं. ये तो सबको पता ही होगा।

गणेश जी की आरती मराठी लिरिक्स | Ganesh Ji Ki Aarti Marathi Lyrics

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची |
नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ||

सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची |
कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची ||

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ||

रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा |
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा ||

हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा |
रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया ||

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ||

लंबोदर पितांबर फनी वरवंदना |
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना ||

दास रामाचा वाट पाहे सदना |
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवंदना ||

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ||

गणेश जी की आरती मराठी इंग्लिश | Ganesh Ji Ki Aarti Marathi in English

Sukhkarta Dukhharta Vaarta Vighnachi |
Nurvi Purvi Prem Krupa Jayachi ||

Sarvangi Sundar Uti Shendurachi |
Kanti Jhalke Mal Mukataphalaanchi ||

Jaidev Jaidev Jai Mangal Murti |
Darshan Maatre Man Kaamna Purti |

Ratnakhachit Phara Tujh Gaurikumra |
Chandanaachi Uti Kumkumkeshara ||

Hirejadit Mukut Shobhato Bara |
Runjhunati Nupure Charani Ghagriya ||

Jaidev Jaidev Jai Mangal Murti |
Darshan Maatre Man Kaamna Purti ||

Lambodar Pitaambar Phanivarvandana |
Saral Sond Vakratunda Trinayana ||

Das Ramacha Vat Pahe Sadana |
Sankati Pavave Nirvani Rakshave Survarvandana ||

Jaidev Jaidev Jai Mangal Murti |
Darshan Maatre Man Kaamna Purti |

https://www.youtube.com/watch?v=HavsHt15R9s
Ganesh Ji Ki Aarti Marathi in English Video
गणेश जी की आरती की विधि | Ganesh Ji Ki Aarti Karne Ki Vidhi
आशीर्वाद प्राप्त करना: हम गणेशजी की आरती करके उनके आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं। हमारे जीवन में उनकी कृपा और आशीर्वाद से सुख और सफलता आती है। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 

प्रेम और त्याग: हम आरती गाकर अपनी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करते हैं। यह भगवान के प्रति हमारी अनन्य श्रद्धा और प्रेम को दिखाता है।

ज्ञान और बुद्धि की प्रशंसा: गणेश जी को ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। हम उनकी आरती करके उनके दिव्य गुणों की प्रशंसा करते हैं और उनसे ज्ञान और बुद्धि की कामना करते हैं।

संकट से छुटकारा: गणेश को संकटमोचक मानते हैं, इसलिए हम आरती करके उनसे मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। हम उनकी आरती गाकर जीवन में आने वाली बाधाओं को पार कर सकते हैं।

ध्यान और आराम: हम आरती गाकर शांत और स्थिर हो सकते हैं। यह हमारे मन को भगवान की ओर ले जाता है, जिससे हमारी आत्मा शांत होती है। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 

 मंथन: आरती के दौरान दीपक घुमाने से समुद्र मंथन का संकेत मिलता है। यह हमें मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ने का साहस देता है। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 

विशेष लाभ: आरती का गाना भगवान की प्रतिमा के प्रति हमारी प्रेम और श्रद्धा को दिखाता है। इससे हमारे पाप कम होते हैं और हमें विशेष पुण्य मिलते हैं। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है.

गणेश जी की आरती की विधि | Ganesh Ji Ki Aarti Karne Ki Vidhi

गणेश जी की आरती को निम्नलिखित तरीके से किया जाता है:

  1. आशीर्वाद प्राप्त करना: हम गणेशजी की आरती करके उनके आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं। हमारे जीवन में उनकी कृपा और आशीर्वाद से सुख और सफलता आती है। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 
  2. प्रेम और त्याग: हम आरती गाकर अपनी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करते हैं। यह भगवान के प्रति हमारी अनन्य श्रद्धा और प्रेम को दिखाता है।
  3. ज्ञान और बुद्धि की प्रशंसा: गणेश जी को ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। हम उनकी आरती करके उनके दिव्य गुणों की प्रशंसा करते हैं और उनसे ज्ञान और बुद्धि की कामना करते हैं।
  4. संकट से छुटकारा: गणेश को संकटमोचक मानते हैं, इसलिए हम आरती करके उनसे मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। हम उनकी आरती गाकर जीवन में आने वाली बाधाओं को पार कर सकते हैं।
  5. ध्यान और आराम: हम आरती गाकर शांत और स्थिर हो सकते हैं। यह हमारे मन को भगवान की ओर ले जाता है, जिससे हमारी आत्मा शांत होती है। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 
  6. मंथन: आरती के दौरान दीपक घुमाने से समुद्र मंथन का संकेत मिलता है। यह हमें मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ने का साहस देता है। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 
  7. विशेष लाभ: आरती का गाना भगवान की प्रतिमा के प्रति हमारी प्रेम और श्रद्धा को दिखाता है। इससे हमारे पाप कम होते हैं और हमें विशेष पुण्य मिलते हैं। इसलिए विघ्न हर्ता  भगवान गणेश जी की आरती करना बहुत जरुरी है. 

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FAQ- गणेश जी की आरती मराठी से जुड़े कुछ सवाल

आरती के कौन-से महत्वपूर्ण हिस्से हैं?

गणेशजी की आरती में कई महत्वपूर्ण भाग होते हैं, जैसे आरती की शुरुआत, फूलों की आरती, दीपों की आरती, गणेशजी की पूजा और मंत्र।

आरती का निश्चित समय क्या है?
क्या पंडित या पुजारी ही आरती कर सकते हैं?

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