जय अम्बे गौरी आरती माँ दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत पवित्र आरती है, जिसे नवरात्रि, सोमवार या हर शुभ अवसर पर श्रद्धा से गाया जाता है। यह आरती माँ की उस शक्ति का प्रतीक है जो हर भक्त के दुःख हरकर सुख और साहस प्रदान करती है। हमने यहां आपके लिए Jai Ambe Gauri Aarti के सम्पूर्ण लिरिक्स उपलब्ध कराया है-
जय अम्बे गौरी आरती
जय अम्बे गौरी आरती माँ की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। जिसे सही आरती विधि से करके आप इसके लाभ आसानी से प्राप्त कर सकते है। अगर आप अपनी आराधना को और गहराई देना चाहते हैं, तो Shiv Aarti Lyrics या Ganesh Ji Ki Aarti Marathi का पाठ भी कर सकते हैं — ये सभी आरतियाँ मिलकर जीवन में भक्ति और शक्ति का संतुलन लाती हैं।
Jai Ambe Gauri Maiya Aarti PDF
Jai-Ambe-Gauri-Aarti-भक्तों की सुविधा के लिए Durga Aarti PDF तैयार की गई है ताकि आप इसे अपने मोबाइल या कंप्यूटर में सहेज सकें। चाहे नवरात्रि का व्रत हो, दुर्गा अष्टमी या कोई पारिवारिक पूजा — यह PDF आपको हर जगह आराधना में सहायक होगी। इसे पढ़ने से मन में श्रद्धा और आत्मबल दोनों का संचार होता है।
Jai Ambe Gauri Aarti Image: श्रद्धा का सुंदर प्रतीक

कई श्रद्धालु अपने घर या पूजा स्थल पर आरती की फोटो लगाकर रखते हैं ताकि माँ की कृपा दृष्टि सदा बनी रहे। यह फोटो केवल सजावट नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक है। बहुत से भक्त इसे अपने फोन में Wallpaper के रूप में भी लगाते हैं ताकि हर सुबह माँ के दर्शन से दिन की शुरुआत हो और जीवन में मंगल का वास हो।
Durga Aarti Video: भक्ति के सुरों में माँ का आशीर्वाद
अगर आप माँ की भक्ति को अनुभव करना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए एक अद्भुत माध्यम है। मधुर संगीत और शुद्ध भावनाओं से भरी यह आरती सुनते ही ऐसा लगता है जैसे माँ अम्बे स्वयं अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बरसा रही हों। जो इसे रोज़ सुनते हैं, उनके जीवन में शांति और संतोष का वास होता है।
FAQ
इस आरती को कब गाना सबसे शुभ माना जाता है?
सुबह या शाम के समय दीपक जलाकर आरती करना अत्यंत शुभ होता है। नवरात्रि और सोमवार के दिन इसका पाठ विशेष फलदायी माना गया है।
क्या इस आरती को महिलाएँ और बच्चे भी गा सकते हैं?
जी हाँ, यह आरती सभी के लिए है। इसे कोई भी श्रद्धा और सच्चे मन से गा सकता है।
क्या आरती के बाद प्रसाद चढ़ाना आवश्यक है?
हाँ, माँ को प्रसाद चढ़ाना आभार प्रकट करने का प्रतीक है। फल, फूल या हल्का मीठा प्रसाद चढ़ाना शुभ माना जाता है।