श्री हनुमान जी की आरती एक दिव्य भक्ति गान है जो हनुमान जी के गुणों का वर्णन करती है। इसका पाठ करने से मन को शांति, आत्मविश्वास और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। Hanuman Ji Ki Aarti भक्तों के हृदय में श्रद्धा और भक्ति का प्रकाश जगाती है। यहां आपके लिए Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics को उपलब्ध कराया गया है:
हनुमान जी की आरती
इस Hanuman Ji Ki Aarti का पाठ करने से मन में बल, निडरता और श्रद्धा का भाव बढ़ता है। जो भक्त सच्चे मन से यह आरती गाते हैं, उन्हें श्री हनुमान जी अपनी कृपा से हर संकट से उबारते हैं। कहते है हनुमान जी शिव के अवतार है इसलिए जब भी हनुमान आरती करें तो उसके बाद Shiv Aarti Lyrics के द्वारा शिव जी की आरती भी जरूर करें।
Hanuman Ji Ki Aarti PDF : करें डाउनलोड
Hanuman-Ji-Ki-Aarti-अगर आप हर पूजा या मंगलवार को Hanuman Aarti गाते हैं, तो इसका PDF संस्करण आपके लिए बहुत उपयोगी रहेगा। Hanuman Aarti PDF में आरती का पूरा पाठ साफ़ और सुंदर लिपि में दिया गया है ताकि आप इसे घर, मंदिर या यात्रा में कभी भी पढ़ सकें।
Hanuman Aarti Lyrics Image: भक्ति का आसान माध्यम

कई भक्त अपने घर के मंदिर या मोबाइल स्क्रीन पर Hanuman Ji Ki Aarti lyrics photo रखना पसंद करते हैं ताकि रोज सुबह दर्शन के साथ आरती गा सकें। यह इमेज फॉर्मेट साफ़ और सुंदर अक्षरों में है, जिससे इसे पढ़ना और शेयर करना आसान होता है। आप चाहें तो इसे हनुमान जी वॉलपेपर, जय बजरंगबली फोटो के जैसे भी उपयोग कर सकते है।
Hanuman Ji Aarti Video के साथ गाएँ
श्रवण के बिना भक्ति अधूरी लगती है। इसलिए हमने यहाँ Hanuman aarti Video भी दिया है, जिसमें मधुर स्वर और सुंदर संगीत के साथ आरती गाई गई है। वीडियो देखकर या सुनकर आप श्री हनुमान जी की आराधना में पूरी तरह डूब जाएंगे।
हनुमान जी की आरती का पाठ हमें सिखाता है कि सच्चा बल भीतर की भक्ति और विश्वास में छिपा है। जो व्यक्ति नियमित रूप से आरती करता है, उसके जीवन में नकारात्मकता कभी टिक नहीं पाती। आप चाहें तो इसके साथ हनुमान मंत्र का जाप भी सही पाठ विधि का पालन करते हुए कर सकते है, और इस पाठ के लाभ जल्द प्राप्त कर सकते है।
FAQ
आरती कब करनी चाहिए?
आरती सुबह और शाम के समय करना चाहिए।
हनुमान आरती कितनी बार करनी चाहिए?
एक बार नियमित रूप से आरती करना ही पर्याप्त है, लेकिन विशेष अवसरों पर दो बार भी की जा सकती है।
क्या आरती किसी विशेष दिन भी की जा सकती है ?
मंगलवार और शनिवार को आरती बहुत शुभ माना जाता है।