Sukh Karta Dukh Harta Aarti Lyrics : विघ्नहर्ता गणपति की मधुर स्तुति

सुख कर्ता दुख हर्ता आरती लिरिक्स भगवान गणेश जी की वह दिव्य आरती है जिसे हर शुभ कार्य की शुरुआत में गाया जाता है। यह आरती हमें याद दिलाती है कि जब जीवन में बाधाएँ आएँ, तो विश्वास और भक्ति ही सबसे बड़ा सहारा हैं। Sukh Karta Dukh Harta Aarti Lyrics का उच्चारण करते ही मन से सभी भय मिटने लगते हैं। इस दिव्य आरती के बोल इस प्रकार से है-

सुख कर्ता दुख हर्ता आरती लिरिक्स

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🪔 सुख कर्ता दुख हर्ता आरती 🪔

सुख कर्ता दुख हर्ता आरती लिरिक्स सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची कंठी झलके माल मुकताफळांची। जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति। जय देव जय देव… रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा चंदनाची उटी कुमकुम केशरा हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया। जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति। जय देव जय देव… लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना दास रामाचा वाट पाहे सदना संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना। जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति। जय देव जय देव… शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को। जय जय जय जय जय जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता। जय देव जय देव… अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी। जय जय जय जय जय जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता। जय देव जय देव… भावभगत से कोई शरणागत आवे संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे। जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता। जय देव जय देव…

🌸🌼🌺 जय श्री गणेश 🌺🌼🌸

सुख कर्ता दुख हर्ता आरती लिरिक्स सिर्फ एक भजन नहीं, बल्कि एक सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण है। जब कोई भी भक्त श्रद्धा और सही आरती विधि से इसे करता है तो उसे इस पाठ के दिव्य लाभ प्राप्त होते है।  गणेशोत्सव के दौरान जब यह आरती गाई जाती है, तो हर भक्त के चेहरे पर एक अलौकिक मुस्कान झलकती है।

Sukh Karta Dukh Harta Aarti Lyrics Image

सुख कर्ता दुख हर्ता आरती लिरिक्स

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झलके माल मुकताफळांची। 

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति। 
जय देव जय देव…

रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया। 

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति। 
जय देव जय देव…

लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना। 

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति। 
जय देव जय देव…

शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को
दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को
हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को। 

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता। 
जय देव जय देव…

अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी
विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी
गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी। 

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता। 
जय देव जय देव…

भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे। 

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता। 
जय देव जय देव…

कई भक्त अपने घर या मंदिर में आरती की इमेज लगाते हैं ताकि हर सुबह गणपति बप्पा का स्मरण हो। इसलिए हमने यहां एक इमेज दिया है जिसमे, Ganesh Ji Ki Aarti Marathi में दी गई है। यह छवि सिर्फ भक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मबल का स्रोत भी है। बहुत से श्रद्धालु इसे Wallpaper के रूप में भी लगाते हैं ताकि दिनभर गणेश जी की कृपा उनके साथ बनी रहे।

Bhagwan Ganesh Ki Aarti PDF डाउनलोड

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अगर आप पूजा या गणेशोत्सव के दौरान इस आरती का पाठ करना चाहते हैं, तो Ganesh Bhagwan Ki Aarti PDF आपके लिए बेहद उपयोगी है। इस PDF को आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर में सेव करके कभी भी पढ़ सकते हैं। चाहे घर की पूजा हो या ऑफिस का कार्यक्रम, यह आरती हर अवसर पर शुभता का संचार करती है।

Sukh Karta Dukh Harta Aarti Video

इस वीडियो में भक्ति की वो मधुर लय है जो मन को तुरंत शांत कर देती है। इस वीडियो को देखकर या सुनकर ऐसा महसूस होता है मानो स्वयं Ganesh Bhagwan Ki Aarti घर में गूँज रही हो और वातावरण पवित्र हो उठा हो।

FAQ

‘सुखकर्ता दुःखहर्ता’ आरती किस भाषा में है?

क्या यह आरती केवल गणेश चतुर्थी पर गाई जाती है?

नहीं, यह आरती रोज़ाना सुबह-शाम की पूजा, खासकर सोमवार और बुधवार को भी गाई जा सकती है।

इस आरती को गाने से क्या लाभ होते हैं?

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